आदि शक्ति माँ सारंगढ़हीन देवी सिद्ध शक्ति पीठ नंदौरकला में नवरात्रि पूजन के साथ साथ दशहरा महोत्सव संपन्न

सक्ती : नगर से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर नरवरगढ़ (नंदौर कला) का प्राचीन आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर स्थित है।

आदि शक्ति माँ सारंगढ़हीन देवी मंदिर प्रांगण में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माँ की आराधना और मनोकामना दीप प्रज्वलित किया गया। मंदिर प्रांगण में पंडित केसरी पांडेय जी द्वारा 9 दिनों तक विधिवत पूजा अर्चना की गई।

 

 

आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर अंचल का ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के आस्था का केंद्र बना हुआ है जहां इस साल करीब 300 अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित किया गया। 2006 से बैगा दलसाय निषाद के साथ राधे केवट एवं श्रीराम कुर्रे के द्वारा मंदिर के देख-रेख के साथ माता सेवा की जा रही है। नवरात्रि में प्रतिदिन सारंगढ़हीन माता सेवा संस्थान के द्वारा प्रतिदिन भंडारा महाप्रसाद का वितरण किया जाता है।

 

 

 

 

नरवरगढ़ (नंदौर कला) को 6-7 वीं के मध्यकाल में तत्कालीन राजा ढोला मारू ने बसाया था तथा जो नरवरगढ़ से अब नंदौरकला के नाम से जाना जाता है तब इस गढ़ की सुरक्षा हेतु चारों ओर खाई बनाया गया था जो कि हमेशा जल से भरा रहता था, पर अब समय बीतने के साथ खाई मात्र 4 फुट ही रह गया है।

 

इस संबंध में नन्दौर कला निवासी सेवानिवृत प्राचार्य रूपनारायण राठौर ने बताया कि गढ़ के बीच में राजा का महल स्थित था एवं महल के चारों ओर सुरक्षा हेतु गहरी खाई थी जो आज नन्दौर कला एवं नन्दौर खुर्द के बीच सीमा रेखा के रूप में दृष्टव्य है।

 

 

मां सारंगढ़हीन मंदिर जिसका भारतीय पुरातत्व विभाग में भी उल्लेख मिलता है कि गढ़ के पश्चिम दिशा की ओर ऐतिहासिक शिव मंदिर है जिसका निर्माण छठवीं- सातवीं शताब्दी के मध्य में हुआ था जिसे महासमुंद जिले के सिरपुर मंदिर के समकालीन माना जाता है। अंचल के इस प्राचीन देवी मंदिर का जीर्णोद्धार 2007 में कराया गया जो अब हरे भरे वृक्षों से आच्छादित एवं नहर तट पर स्थित है।

 

नन्दौर कला में दशहरा का आयोजन किया गया जिसमें लकी ड्रा भी रखा गया था। पुरुस्कार के रूप में स्कूटी ,वाशिंग मशीन एल ई डी टीवी ,साउंड सिस्टम ,जैसे २८ प्रकार के सामान रखे गए थे। महोत्सव के मुख्य अतिथि मेघवा राम राठौर और अनिल राठौर जी थे तथा उद्घोषक श्री नर्मदा केवंट थे।

 

रावण दहन के दौरान श्री रामानुज राव और श्री गुहाराम जी के कुशल नेतृत्व में कलाकारों के द्वारा रामलीला का आयोजन किया गया जिसकी दर्शकों ने काफी प्रशंसा की। रावण की भूमिका में श्री आजू राठौर के साथ सेल्फी लेने की लोगो में होड़ सी मची थी।

 

लकी ड्रा में प्रथम पुरुस्कार कोरबा निवासी गौरी भट्ट पिता श्री दुर्गा भट्ट जी को ,द्वितीय पुरुस्कार नंदौर गाव से ही राकेश राठौर , टी आई जैजैपुर को वाशिंग मशीन ,अन्य प्रतिभागियों को आयरन और हैंड वॉच प्राप्त हुवा।

 

दशहरा और लकी ड्रा को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों का भरपूर सहयोग रहा। ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती निर्मला सुरेन्द्र कुर्रे,जनपद सदस्य श्रीमती कृष्णा-लोचन राठौर, श्री अर्जुन कुर्रे जी ,श्री राकेश राठौर T I जैजैपुर,श्री प्रकाश राठौर T I ,लखन चौहान ,महेंद्र मोचन राठौर , पुष्पा सुमन राठौर (पुलिस विभाग),राधवेन्द्र लाला राठौर,सुशील राठौर ,धनीराम राठौर ,द्वारिका राठौर (आर्मी)और टी आई भरत राठौर ने भरपूर सहयोग प्रदान किया।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग के लिए आयोजन समिति के डॉ राकेश राठौर द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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