
एम आर एस मिनरल्स की जन सुनवाई में हुवा भारी विरोध, प्रशासनिक साँठ गाँठ का लगा आरोप,,विरोध के बावजूद यदि दी जाती है अनुमति तो न्यायालय में लगेगी जनहित याचिका,,
सक्ती: सक्ती जिले के ग्राम डुमरपारा में डोलोमाइट खनन हेतु खदान संचालन की अनुमति के लिए प्रशासन द्वारा दिनांक 08/04/2026 को जनसुनवाई रखी गई।




जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीण जनों का भारी विरोध नजर आया। सर्वप्रथम कार्यक्रम स्थल को लेकर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त स्थल आम पहुंच से दूर है और गोपनीय ढंग से प्रशासन इसकी सुनवाई कर रही है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि खदान मालिक के द्वारा सुनवाई में भूमि के खसरा नम्बर का उल्लेख नहीं किया गया है जिससे भूमि के सरकारी होने की आशंका है। क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और जंगल भूमि में अवैध कटाई की जा रही है। उक्त सुनवाई वाली भूमि पर भी सागौन के पेड़ अनधिकृत रूप से काटे गए हैं जिसकी शिकायत होने पर वन विभाग के द्वारा कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी उक्त प्रकरण न्यायालय में भी लंबित है। खदान प्रभावित क्षेत्र की जनता का कहना था कि खदान खुलने से पूरे क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाएगा साथ ही पेयजल का भी गम्भीर संकट खड़ा हो जाएगा।
सत्ताधारी दल भाजपा के कई जनप्रतिनिधियों ने भी खदान का जमकर विरोध किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपती कीर्तन चंद्रा ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत को इस जनसुनवाई की कोई सूचना नहीं दी गई है साथ ही उक्त भूमि पर सागौन पेड़ काटने का मामला भी चल रहा है अतः इस मामले के निपटारे तक जनसुनवाई करने का कोई औचित्य नहीं है प्रशासन या तो इस जनसुनवाई को निरस्त करे या पेड़ कटाई मामले के निराकरण तक सुनवाई को स्थगित रखे।
भाजपा के मंडल अध्यक्ष गेंद राम मनहर ने कहा कि यह जनसुनवाई प्रशासनिक मिली भगत का नायाब उदाहरण है। आमजन को धोखे में रखकर प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है हम सभी भाजपा कार्यकर्ता इस जनसुनवाई का विरोध करते हैं। यदि प्रशासन इस जनसुनवाई को निरस्त नहीं करती है तो इस प्रकरण को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।



