कांग्रेस से भाजपा जाने वाले नेता मनहरण राठौर की हुई घर वापसी,,, महामंत्री सहित कई पदाधिकारीयों ने की इस्तीफे की पेशकश,भाजपा में भी घमासान,, जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक के बीच नूराकुश्ती,,,

सक्ती : (हो.स.) विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल नेताओं के द्वारा घर वापसी की इच्छा जताई गई है जिससे उन सभी नेताओं की घर वापसी सुनिश्चित मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के एक बड़े नेता के घर गुप्त बैठक का आयोजन किया गया जिससे आगे की रणनीति तय की जा सके। माना यह जा रहा है कि मनहरण राठौर की कांग्रेस में यदि वापसी हो रही है तो इसका सीधा अर्थ है उनको सक्ती विधानसभा से मध्यावधि चुनाव लड़ाया जा रहा है।

 

 

सक्ती में उप चुनाव होना ही है और मनहरण राठौर इसी की तैयारी में लगे हुए हैं। उनकी वापसी कई कट्टर समर्थकों एवं सच्चे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रही है। कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि “”मेहनत करे मुर्गी , अंडा खाए फकीर”” की तर्ज पर सारा कठिन समय हमने झेला और बिना मेहनत किए लाभ दूसरे को मिल रहा है।

 

इन सब बातों के मद्देनजर विरोध के स्वर उभर कर सामने आ रहे हैं। विरोध स्वरूप अध्यक्ष राकेश राठौर, गिरधर जायसवाल, पिंटू ठाकुर,घनश्याम देवांगन, रथराम पटेल,भुरू अग्रवाल, बजरंग राठौर,राजीव जायसवाल, मुन्ना जायसवाल, अमित राठौर, मनोज जायसवाल,पिंटू राठौर,हिरासाय यादव,चिंटू ठाकुर सहित कई कांग्रेस के सच्चे सिपाहियों ने कांग्रेस से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है साथ ही लगभग 200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी छोड़ने की बात कही है।

 

 

अब बात करते हैं भाजपा की,यहां भी कमोबेश यही स्थिति नजर आ रही है। टिकेश्वर गबेल वनमैन आर्मी की तर्ज पर पूरे पार्टी पर अपनी पकड़ बनाकर चल रहे हैं। अपने करीबियों के अलावा किसी और कि नहीं सुनते हैं। पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू राज्यसभा जाना चाहते हैं और यदि राज्यसभा नहीं गए तो फिर मध्यावधि चुनाव लड़ना चाहते हैं मगर उनके राह में टिकेश्वर गबेल के द्वारा बड़ा सा रोड़ा अटका दिया गया है। अब तो यह लग रहा है कि शायद टिकेश्वर गबेल खुद ही स्वयंभू बनकर विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बनने की राह में हैं। हालांकि यहां पटेल समाज के कद्दावर भाजपा नेता प्रेम पटेल भी अपनी तगड़ी जुगत लगा रहे हैं और पटेल वोटर्स की ताकत ऊपर नेताओं तक बता रहे हैं साथ ही आदिवासीयों की जनसंख्या के आधार पर आदिवासी कार्ड खेल कर राजा धर्मेंद्र सिंह भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

 

“एक अनार सौ बीमार” की तर्ज पर अब लगभग दोनों ही दलों में घमासान मचा हुवा है,ऊपर से देखने में तो लगभग सभी एकजुट नजर आते हैं मगर नजदीक से देखने पर दोनों ही दलों में दशानन रावण की तरह 10-10 सिर नजर आ रहे हैं।

 

 होली के रंग, सौमित्र के संग,,

बुरा ना मानो होली है,,,,,,,,,

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