
कलेक्टर कार्यालय के पास स्थित टोलप्लाजा बना अवैध वसूली का अड्डा,, जबरन वसूली एवं मारपीट की हुई शिकायत,,
सक्ती: जिला कलेक्ट्रेट के पास स्थित टोल प्लाजा में आम नागरिकों से दुर्व्यवहार तथा टोल कर्मचारियों द्वारा गुंडागर्दी आम बात हो गई है। छोटे बड़े वाहनों से आए दिन किसी न किसी बात पर वाद विवाद की घटनाऐं लगातार हो रही हैं।

आज टोल संचालक तथा मैनेजर के दुर्व्यवहार तथा गुंडागर्दी के विरुद्ध लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से की गई है।


लिखित शिकायत के अनुसार राम जी सिंह निवासी कोरबा के द्वारा बताया गया है कि 18/2/26 को सक्ती के वंदना इंडस्ट्रीज से स्क्रैप लेकर जा रहा था टोल पर पहुंचने पर मेरा टोल भुगतान हो गया मगर भुगतान होने के बाद भी बेरियर नहीं खोला गया कारण पूछने पर कहा गया कि ट्रक में जो माल लदा है वह अवैध है इसका बिल दिखाओ, मेरे द्वारा बिल दिखाने के बाद भी जबरन मुझसे 5000/- की मांग की गई और मुझसे जबरन 5000/- लिया गया है, जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक महोदय से भी की जा रही है।
दूसरी शिकायत के अनुसार ट्रक क्रमांक CG 11 BF 6516 के चालक से टोल शुल्क कटने के बावजूद ट्रक ओवरलोड है कहकर बेरियर नहीं खोला गया साथ ही ड्राइवर से जबरन ओवरलोड बताकर किसी अंश जायसवाल के निजी खाते में स्कैनर के माध्यम से जबरन वसूली की गई। जिसकी कोई अतिरिक्त रसीद भी नहीं दी गई है।

शिकायत के आधार पर जिला कलेक्टर अमृत विकास टोपनो के द्वारा टोल प्लाजा पर पहुंचकर जांच की गई जिसमें प्रथमदृष्टया सभी शिकायतें सही पाई गई साथ ही टोल में शासन के द्वारा निर्धारित नागरिक सुविधाओं की भी कमी पाई गई।
शासन के गाईड लाइन के अनुसार टोल प्लाजा में एम्बुलेंस की सुविधा, सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था सहित पीने योग्य पानी की व्यवस्था होना अनिवार्य है मगर इस टोलप्लाज़ा में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं पाई गई। आम नागरिकों के मूलभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए तथा मारपीट लूटपाट की घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि के मद्देनजर जिला कलेक्टर अमृत विकास टोपनो के द्वारा मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल टोल ठेकेदार के विरुद्ध नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एक प्रतिवेदन भेजा गया है जिसमें इन सभी घटनाओं का उल्लेख किया गया है। साथ ही कलेक्टर महोदय के द्वारा इस घटना पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है।
टोल पर लगातार होने वाली गुंडागर्दी की शिकायत आम नागरिकों के द्वारा लगातार की जाती है पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर टोल कर्मियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है अब देखना दिलचस्प होगा कि कलेक्टर महोदय द्वारा इस पर कब तक और क्या क्या कार्रवाई की जाती है।



