
यातायात सप्ताह पुलिस प्रशासन का सिर्फ दिखावा, धरातल पर नहीं दिख रही कोई व्यवस्था,,



सक्ती: यूं तो सक्ती को नया जिला बने 3 वर्ष से अधिक हो गया है,मगर आज भी यहां लोग कस्बाई जीवन जीने को मजबूर हैं।
कहने को तो नगर में सुव्यवस्थित चौक चौराहे चौड़ी सड़कें हैं मगर वास्तव में ऐसा धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
आम जनता के आवागमन के लिए बनाई गई सड़कों का उपयोग व्यापारी अपना व्यापार करने के लिए उपयोग में ला रहे हैं और इन सब से अनभिज्ञ सक्ती की पुलिस और यातायात पुलिस नगर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर स्वनाम धन्य होकर अपनी ही पीठ थपथपा रही है जबकि धरातल में यातायात व्यवस्था लचर है।
नगर के मध्य से गुजरने वाली मुख्य सड़क जो कि राजकीय राजमार्ग भी है वहां आए दिन सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है। पीला महल और सफेद महल के बीच मुख्य मार्ग पर स्थित राजेश ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा सड़क पर ही अपना व्यवसाय किया जाता है। सड़क पर अपनी दुकान से माल लाने ले जाने के लिए वह आम जनों के लिए बनाई गई सड़क का ही इस्तेमाल करता है। जबकि वहां से गुजर रहे वाहनों को दिक्कत होने पर कोई यदि शिकायत करता है तो उनसे लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाता है।
विरोध करने पर खुले आम कहता है कि थाना और यातायात पुलिस से उसकी जबरदस्त सेटिंग है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
कोई व्यक्ति यदि खुलेआम यह सब कहकर सड़क में अव्यवस्था फैलाए और पुलिस प्रशासन तथा यातायात पुलिस भी कोई कार्रवाई ना करे तो निश्चित ही पुलिस प्रशासन तथा यातायात विभाग संदेह के घेरे में आ जाता है।
यदि समय रहते इस पर लगाम ना लगाया गया और इससे यदि सड़क चलते किसी राहगीर को कोई नुकसान पहुंचा और इससे अप्रिय स्थिति बनती है तो पूरी जिम्मेदारी नगर पुलिस तथा यातायात पुलिस की होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि खुलेआम पुलिस सेटिंग की बात करने वाले राजेश ट्रेडिंग के संचालक पर क्या कार्रवाई होती है और कब तक होती है।



