
पूर्व काबीना मंत्री चनेश राम राठिया का देहावसान

( आलेख : चित्रंजय पटेल)सक्ती के माटी से जुड़ा एक और शख्स का इंतकाल हमें झक झोर कर रख दिया। धरजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छाल का रहवासी, पर सक्ती के हर वर्ग के बाजार हाट करने वाले व्यवसायियों का हर दिल अजीज, सबका मितान आज हमसे दूर हो गया। मध्य प्रदेश के कई बार विधायक व मंत्री रह चुके राठिया जी सक्ती के घर- घर से नाता रहा है उन्होंने पहले सक्ति में पीला महल के पास ही नारायण सागर रोड में मकान भी बनाया था । यहां उनके मितानों की लंबी फेहरिस्त रही है एक समय में उनके स्वभाव में दारू और मितान का भारी दखल रहा है ।
मुझे याद है, सन 93-94 में मध्यप्रदेश में दिग्विजय की सरकार में वे मंत्री थे तब सक्ती राजा साहब के अनुशंसा पर निष्कासित तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल के प्रकरण की पैरवी हेतु हम प्रमुख सचिव स्थानीय शासन भोपाल के दफ्तर पंहुचे थे तब उनसे मुलाकात पर यह जानते हुए भी कि हम सक्ती राजा साहब के फैसले के विरुद्ध आए हैं हमें अपने बंगले में पूरे आव भगत से ठहराया और अपने ओ एस डी को अपनी गाड़ी में साथ भेज कर भरपूर मदद की थी …और तभी निष्कासन आदेश के बाद भी काफ़ी समय तक भाजपा का व्यक्ति अध्यक्ष पद पर आसीन रहा। मेरा आशय है कि उनका बेबाक व्यक्तित्व, दल से परे मिलनसारिता और सक्ती के लोंगो से आत्मिक लगाव आज भी मेरे लिए अविस्मरणीय है। वे कहते थे कि दारू और दोस्ती ही राजनीति में मेरे विजय के साधन हैं … एक समय ऐसा भी उन्होंने धर्म मार्ग में लीन हो शराब को त्याग दिया…और तभी संयोग से वे विधानसभा चुनाव रह गए । उसके बाद उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपने बेटे लालजीत सिंह को विरासत सौंप विधायक के रूप में स्थापित कर स्वयं वृंदावन धाम में अध्यात्म व पूजा पाठ में लीन हो गए थे।आज ईश्वर ने उनको हम सबसे छीन लिया उनके परिजनों, मित्रों के साथ ही मेरे लिए उनका स्मृति शेष रहना व्यक्तिगत क्षति है। राजनीति में अपने अलग व बिंदास शैली के साथ अपनों के लिए स्वयं चिंतन के साथ सदा प्रयासरत स्वर्गीय चनेश राम राठिया की आत्मा को ईश्वर शांति व सद्गति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि,,,,,

आलेख: चित्रंजय पटेल



