
सक्ती जिले में कब बदलेगी तस्वीर भाजपा की, क्या करारी हार को पचा लेगी प्रदेश भाजपा

सक्ती: पूरे प्रदेश में इस बार भाजपा की जबरदस्त लहर देखी गई है जिससे प्रदेश में भाजपा अपनी सरकार बनाने में कामयाब हो गई है।
सक्ती जिले और उसके पड़ोसी जांजगीर जिले को छोड़कर लगभग हर जगह भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि सक्ती जिले की तीन सीट तथा जांजगीर जिले की तीन सीटों पर भाजपा का पूरी तरह से सफाया हो गया है। प्रदेश भाजपा अभी जीत की खुशी और सरकार बनाने में व्यस्त है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत जल्द इस बात की समीक्षा की जाएगी कि हार का कारण क्या रहा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दबी जबान में यह स्वीकार किया है कि क्षेत्र में भाजपा की हार होना कहीं न कहीं क्षेत्रीय नेताओं की आपसी मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है।
भाजपा पदाधिकारीयों और जमीनी कार्यकर्ताओं का आपसी तालमेल का ना होना भी इस हार का कारण है। पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी इस क्षेत्र में कई गुटों में बटी हुई है इसी गुटबाजी के कारण कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की गई है, यदि यही हाल रहा तो क्षेत्र में भाजपा की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तर्ज पर क्षेत्र के पदाधिकारियों के द्वारा प्रदेश के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लिया जा रहा है जबकि उनके क्षेत्र से भाजपा बुरी तरह से हारी है।
देखना लाजमी होगा कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व कब इस पर संज्ञान लेती है और कब हार के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जयचंदों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाती है।



