नगरपालिका की मनमानी तथा पुरेन्हा तालाब काम्प्लेक्स निर्माण पर लगी रोक, जांच का दिया आदेश
सक्ती: छत्तीसगढ़ शासन के सरोवर धरोहर योजना को धता बताते हुए तथा तालाबों पर सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद पुरेन्हा तालाब के पार पर नगरपालिका के द्वारा व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। नागरिकों के भारी विरोध के बावजूद नगरपालिका की हठधर्मिता के कारण यहां पर निर्माण कराया जा रहा है। विगत कई दिनों से नागरिकों के द्वारा इस निर्माण के विरोध में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिस पर कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने उक्त निर्माण कार्य पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है तथा जांच का आदेश पारित कर दिया है।

विदित हो कि इसी पुरेन्हा तालाब का लाखों रुपए खर्च कर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर व्यवसायिक परिसर के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी गई है जो कि अव्यवहारिक है।

सुप्रीमकोर्ट के अनुसार तालाबों का अतिक्रमण किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए तथा उसके स्वरूप में भी परिवर्तन नहीं होना चाहिए इन सबके विपरीत आम निस्तारी के लिए उपयोग में आने वाले पुरेन्हा तालाब के किनारे यदि व्यवसायिक परिसर बनाया जाता है तो आम निस्तारी प्रभावित होने की पूरी पूरी संभावना है । शासन की मंशा के अनुरूप तालाबों को संरक्षित किया जाना है परन्तु सक्ती नगर पालिका के कर्णधार जाने किस मुगालते में रहकर अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं तथा नगर के धरोहर को नष्ट करने में लगे हैं। सक्ती नगर पालिका अध्यक्ष तथा नगर के कांग्रेस-भाजपा के नेतागण तालाब किनारे बन रहे व्यवसायिक परिसर पर भी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते नजर आ रहे हैं और सिर्फ राजनीतिक रोटी सेंकते हुए अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
तात्कालिक रोक तथा जांच के आदेश के बाद आगे इस पर क्या कार्रवाई होगी यह प्रशासन की सजगता पर निर्भर है। राजनीतिक दलों के रवैये को देखते हुए आम नागरिकों ने ही इस पर मोर्चा संभाला हुआ है और किसी भी हाल में निर्माण कार्य नहीं होने देने की बात कही है ताकि नगर के धरोहर को बचाया जा सके।



