शासकीय तालाब की भूमि पर कब्जा कर रास्ता बनाने का मामला, प्रशासनिक अमले ने की कब्जा मुक्त कराने टीम तैयार,

सक्ति : नगर में तालाब अतिक्रमण के मामले में विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल के खिलाफ क्षेत्र के अधिकारी आखिरकार एक्शन मोड में आ चुके हैं। अतिक्रमण की शिकायत के बाद तहसीलदार ने मामले में संज्ञान लेते हुए सीएमओ को तलब करते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं जिसके बाद सक्ति नगर पालिका सीएमओ जफर खान ने अतिक्रमण हटाने के लिए टीम तैयार कर ली है जो बुधवार 13 जनवरी को जाकर तालाब में हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करेगी। जहां एक ओर विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ अधिकारियों के एक्शन मोड को लेकर सक्ति की राजनीति गरमा गई है वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों में अपने विधायक डॉ चरणदास महंत के प्रति भरोसा अब और बढ़ गया है ।

सक्ति से बाराद्वार रोड में स्थित गांगत डबरी नाम से तालाब है जो करीब आधा एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। तालाब के ठीक पीछे आनंद अग्रवाल और उनके परिवार के नाम से कई एकड़ जमीन है या यूं कहें कि मुख्य मार्ग और इनकी जमीन के बीच तालाब स्थित है। करीब ढाई माह पूर्व 28 अक्टूबर 2020 को नगर पालिका सक्ती से आनंद अग्रवाल ने गांगत डबरी तालाब के ऊपर पुल बनाने एवं सफाई के नाम से नगरपालिका से अनुमति मांगी थी । नगर पालिका के अधिकारियों ने उसे अनुमति भी दे दी जबकि तालाब के ऊपर पुल बनाने की अनुमति देने का अधिकार नगर पालिका के पास नहीं होता बावजूद इसके पुल बनाने की अनुमति दे दी गई थी। मामले में जब नगर पालिका में शिकायत की गई तब नगर पालिका के सीएमओ ने 24 नवंबर 2020 को पत्र जारी कर अनुमति को निरस्त करते हुए तत्काल कार्य रोकने का आदेश जारी किया मगर बावजूद इसके तालाब को विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल के द्वारा पूरी तरीके से सुखा दिया गया और अपनी जमीन और मुख्य मार्ग के बीच तालाब पर मिट्टी डालकर रास्ता बना दिया गया। मामले की शिकायत तहसीलदार के पास पहुंची तब तहसीलदार ने खुद मौके पर जाकर चल रहे काम को रुकवाया और सक्ति नगर पालिका सीएमओ को तलब करते हुए मामले में जांच कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए । तहसीलदार के आदेश के बाद सीएमओ जफर खान ने तालाब के ऊपर से अतिक्रमण हटाने टीम तैयार की है जो 13 जनवरी बुधवार को तालाब में से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी।
*प्रशासनिक कार्यवाही के बाद क्षेत्र के लोगों का अपने विधायक के प्रति बढ़ा भरोसा*
विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सक्ती की राजनीति काफी गरमा गई है वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों का प्रशासन के साथ-साथ अपने विधायक विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के प्रति भी भरोसा काफी बढ़ चुका है। लोगों का कहना है कि आनंद अग्रवाल विधायक प्रतिनिधि है बावजूद उनके गलत कार्यों को विधायक का समर्थन नहीं मिला और उनके विधायक ने अपने प्रतिनिधि के बजाए क्षेत्र के विकास के हक में फैसला लिया ।

मिली जानकारी के अनुसार गांगत डबरी के पीछे विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल और उनके परिवार के नाम से कई एकड़ जमीन है जिसमें तालाब के एक किनारे को मिट्टी से पाटकर रास्ता बना दिया गया है और जमीन और मुख्य मार्ग को जोड़ दिया गया है इसके बाद तालाब के पीछे वर्षों से खाली पड़ी जमीन आज 10 गुना अधिक दामों में बिकनी शुरू हो गई है रास्ता बनते ही जमीन की प्लॉटिंग कर उसकी बिक्री शुरू कर दी गई है जानकारी के अनुसार आनंद अग्रवाल और उनके परिवार के नाम से करीब साढ़े 3 एकड़ जमीन वहां पर मौजूद है जो वर्षों से खाली पड़ी हुई थी जिसकी पूर्व में अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए डिसमिल थी जो आज 5 लाख रुपए डिसमिल के हिसाब से बिक्री की जा रही है या कहा जाए तो लाखों की जमीन आज करोड़ों रुपए में बिक्री की जा रही है जिसके लिए नगर के वर्षों पुराने तालाब की बलि चढ़ा दी गई है।
मेरे द्वारा तालाब में मिट्टी नहीं पाटी गई है मुझे केवल बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 13 तारीख को जो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो रही है उसके संबंध में मुझे कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुई है।
विधायक प्रतिनिधि, आनंद अग्रवाल
आनंद अग्रवाल के द्वारा तालाब अतिक्रमण के संबंध में शिकायत मिली थी इस पर जांच उपरांत नगर पालिका को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया गया था जिस पर 13 जनवरी को नगरपालिका की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार , बी एक्का



