
जनता की खामोशी क्या ईशारा कर रही, क्या जीत रही है भाजपा कांग्रेस या कहीं बाजी न मार जाए निर्दलीय प्रत्याशी

क्या जीत रही है भाजपा कांग्रेस या कहीं बाजी न मार जाए निर्दलीय प्रत्याशी
सक्ती: आम तौर पर देखा जाता है कि जैसे जैसे मतदान की तिथि नजदीक आती है वैसे वैसे प्रत्याशीयों की स्थिति आम जनता के बीच स्पष्ट होती जाती है।
मगर इस बार का चुनाव कुछ अलग ही रंग में रंगा नजर आ रहा है। आम तौर पर आक्रामकता दिखाने वाले लगभग सभी चर्चित चेहरे इस बार मौन साधे हुए हैं। आम जनता भी चुपचाप इन परिस्थितियों का आंकलन कर रही है।
नगर में मुख्य रूप से तीन प्रत्याशी ही अध्यक्ष का चुनाव गंभीरता से लड़ते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा पोस्टर बैनर में नगर के चौक चौराहों पर भारी पड़ती नजर आ रही है वहीं कांग्रेस पार्टी कुछ चुनिंदा चेहरों को साथ लेकर प्रचार करती दिखाई दे रही है।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल की यदि बात करें तो जितना प्रचार बाहर दिख रहा है उससे ज्यादा प्रचार भीतरी रूप में चल रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पार्टी के कई बड़े चेहरों का उनको समर्थन प्राप्त है और मौजूदा कांग्रेस प्रत्याशी से नाराजगी कहीं कांग्रेस प्रत्याशी को भारी न पड़ जाए।
नगर में अभी घोषणा/संकल्प पत्रों की बाढ़ सी आ गई है जिनमें प्रमुख रूप से नगर में दो बड़े दलों ने अपने अपने वादे या घोषणा/संकल्प पत्र निकाला है और उनमें जिन मुद्दों की बात कही गई है उन मुद्दों पर तो जनचर्चा के अनुसार लोग यह कह रहे हैं कि जब जब इन दलों की सरकार थी तब ये लोग उन कार्यों को क्यों पूरा नहीं करा पाए ,, कहीं पिछली बार की तरह ये भी सिर्फ दिखावा और छलावा तो नहीं है।

वहीं श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी जनता की आवश्यकताओं के मद्देनजर अपना संकल्प पत्र तैयार किया है। आम जनता से सम्बंधित रोजमर्रा की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ साथ आम जरूरी बातों का भी जिक्र किया गया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि सक्ती नगर की जनता किनके घोषणा/संकल्प पत्र को स्वीकार करती है सही मानती है और उसपर विश्वास करते हुए उसे सर आंखों पर बिठाती है।




