दलाल के ईशारे पर श्रम विभाग ने निभाई औपचारिकता, बस जप्त कर नगरदा थाने के सुपुर्द की गई
बाराद्वार- क्षेत्र से लगातार मजदूर पलायन के नाम पर हो रहे मानव तस्करी की खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जा रहा है। युवा दलाल द्वारा शासन प्रशासन से मिली भगत कर मानव तस्करी करने की खबर प्रकाशित होते ही श्रम विभाग ने अपनी सतर्कता दिखाने का प्रयास किया। मगर श्रम विभाग द्वारा पलायन व मानव तस्करी में शामिल छोटी मछली की एक बस पर बीते रात कार्यवाही की गई। जबकि बीते कई दिनों से मानव तस्करी करने वाले मुख्य दलाल योगेश कोच व पवन बस के संचालक पर कोई कार्यवाही होते नहीं दिख रही है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मुख्य दलाल अपनी बदनामी व अपने कृत्यों से मिडिया का ध्यान भटकाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को ईशारे से एक अन्य बस संचालक के बस पर कार्यवाही करवाकर मिडिया का ध्यान अपनी तरफ से भटकाने की असफल कोशिश किया है मगर बाराद्वार निवासी इस युवा दलाल के इस सेटिंग पर हो रही कार्यवाही का खेल सबको समझ में आ रहा है।

श्रम विभाग की सक्रियता आगे किस तरह रहेगी यह देखना होगा
जैसा कि युवा दलाल द्वारा मानव तस्करी करने के एवज में शासन प्रशासन को एक मोटी रकम पहुंचाने की खबर पूरे नगर व क्षेत्र में जन चर्चा का विषय बनी हुई है, उस हिसाब से आने वाले 10 दिनों में दलाल द्वारा अनेक राज्यों में करीब 30 से ज्यादा बसों के माध्यम से मजदूरों की सप्लाई का ठेका लिया गया है। अब देखना यह है कि इस पर श्रम विभाग अपनी कितनी सक्रियता दिखाती है।
दलाल के अन्य गैरकानूनी काम भी चरम सीमा पर
स्थानीय सूत्रों और जनचर्चा के अनुसार युवा दलाल कुछ लोगों के माध्यम से क्रिकेट सट्टे के गैर कानूनी कार्य मे भी संलिप्त है। जानकारों के मुताबिक दलाल द्वारा पुलिसिया सेटिंग्स के सहारे तथा अपने रूपयों के दम पर क्रिकेट सट्टा का संचालन करवाने की जनचर्चा पूरे नगर में है। दलाल द्वारा बीते दिनों सकरेली में जुए की फड़ में सपड़ाए अपने सहयोगी को बचाने के लिए कई बार थाने में जाकर मोटा चढ़ावा चढ़ाकर पुलिसिया मदद से कानूनी प्रक्रिया का लाभ लेते हुए छुड़ा लिया गया । स्थानीय दलाल के काले कारनामों को जानते हुए भी रुपयों की चमक के आगे बेबस स्थानीय पुलिस उक्त दलाल को पूर्ण संरक्षण प्रदान करते हुए उसके समस्त गैरकानूनी कार्यो को नजरअंदाज करने में लगी है।


दलाल की इन बसों पर नहीं हो रही कोई भी कार्यवाही,
दलाल की निजी बसों पर पुलिस और श्रम विभाग की नजर न पड़ना बड़े लेनदेन की तरफ ईशारा करता है । दलाल व्यवसायी खुले आम जिला मुख्यालय जाकर अधिकारीयों को चढ़ावा चढ़ाने की बात करता है । दलाल के अनुसार सभी अधिकारियों को उनकी हैसियत और पद के अनुरूप भेंट चढ़ाने की बात कही जाती है । देखना दिलचस्प होगा कि आखिर शासन और प्रशासन के अधिकारियों को बदनाम करने वाले दलाल पर शिकंजा कब और कैसे कसा जाता है या फिर यह दलाल यूं ही सबकी नाक के नीचे मानव तस्करी को अंजाम देता रहेगा ।



