
कोरोना के कहर से बढ़ रही परेशानी , फिर हो गया लॉकडाउन
बिलासपुर : प्रदेश में तेजी से फैलते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया था। हालांकि उन्होंने अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी स्थानीय कलेक्टर पर छोड़ रखा है। बिलासपुर में भी पिछले कुछ समय में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर ने भी बिलासपुर में 23 जुलाई से 31 जुलाई तक कंप्लीट लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। 23 जुलाई शाम 5:00 बजे से लेकर 31 जुलाई शाम 4:00 बजे तक बिलासपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में यह लॉकडाउन जारी रहेगा। इसके तहत सभी आवश्यक सेवाएं पहले की तरह ही चालू रहेंगे। लेकिन सामान्य बाजार और अन्य सेवाएं पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं, सब्जी, दूध, दवा, डेली नीड्स की दुकानें एक नियमित समय सीमा में खुली रहेंगी, तो वही शराब दुकान भी इस दौरान बंद रहेंगी। रजिस्ट्री कार्यालय को छोड़कर अन्य शासकीय कार्यालय भी इस दौरान बंद रहेंगे।

सोमवार को बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर ने इसकी अधिकृत घोषणा की। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि तेजी से फैलते संक्रमण की गति को धीमा किया जा सके। वहीं आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस लॉकडाउन को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दें, जिससे कि प्रशासन और पुलिस को पहले की तरह सख्ती बरतने की आवश्यकता ना पड़े।

बिलासपुर में अब तक 437 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं , लिहाजा बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के साथ नगर पंचायत बोदरी और बिल्हा के संपूर्ण क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है और आगामी 23 जुलाई शाम 5:00 बजे से लेकर 31 जुलाई शाम 4:00 बजे तक यहां पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है ।

इस दौरान बिलासपुर बिल्हा और बोदरी के सभी शासकीय, अशासकीय , अर्धशासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। कर्मचारी और पदाधिकारियों को अपने घर से शासकीय कार्य को करने का निर्देश दिया गया है।

इस दौरान सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं जिसमें निजी बस, टैक्सी ,ऑटो रिक्शा ई रिक्शा, सामान्य रिक्शा का परिचालन भी बंद रहेगा। केवल इमरजेंसी मेडिकल सेवा वाले वाहन को ही आवागमन की अनुमति रहेगी । इन सभी क्षेत्रों में सभी दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान गोदाम साप्ताहिक हाट बाजार भी बंद रहेंगे ।इस क्षेत्र में आने वाले फैक्ट्री निर्माण एवं श्रम कार्य संचालित करने वाली इकाइयों को कुछ नियम शर्तों के साथ छूट दी गई है।

इस अवधि में सभी धार्मिक, सांस्कृतिक अनुष्ठान और पर्यटन पूरी तरह बंद रहेंगे । वैसे तो सभी शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे लेकिन पंजीयन कार्यालय कुछ शर्तों के साथ खुला रहेगा। इस दौरान जहां दवा दुकानें खुली रहेंगी तो वहीं खाद्य एवं आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवाओं को भी छूट दी गई है। उचित मूल्य की दुकान , किराना दुकान , आटा चक्की सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक खोले जाएंगे । ठेले और एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाकर फल सब्जी बेचने वाले भी दोपहर 12:00 बजे तक ही व्यवसाय कर पाएंगे । इसी तरह फल सब्जी दूध ब्रेड चिकन मटन मछली अंडा जैसी दुकाने सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक खुलेंगे। दूध हाला की शाम 6:00 से शाम 7:00 बजे तक भी मिल सकेगा। घर-घर जाकर दूध बांटने वाले और न्यूज़पेपर हॉकर सुबह 5:30 बजे से 9:30 बजे तक अपना काम कर पाएंगे। होटल और रेस्टोरेंट पहले की तरह ही टेक अवे और होटल में ठहरे कस्टमर के लिए चालू रहेंगी। इस लॉकडाउन से पहले की तरह ही प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट प्रदान की गई है। सभी सावधानी बरतते हुए बैंक सर्विस भी इस दौरान जारी रहेंगे।
यह कैसा लॉक डाउन?
कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के दृष्टिगत कलेक्टर महोदय बिलासपुर ने बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र, नगर पंचायत बिल्हा व् बोदरी को कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित करते हुए टोटल लॉक डाउन का आदेश जारी किया. उल्लेखनीय है की यदि कोई निजी कार्यालय अथवा दुकान प्रतिबंधित क्षेत्र के बाहर है और उसमें कार्यरत लोग प्रतिबंधित क्षेत्र के हैं तो वह आवागमन कैसे कर पाएंगे? कई क्षेत्र ऐसे हैं जो नगर निगम की सीमा में नहीं हैं किन्तु नगर निगम की सीमा से लगे हुए हैं और वहां पर ऐसे व्यक्तियों की दुकाने अथवा कार्यालय हैं तो निर्धारित समय के पश्चात् यदि वह आना जाना करेंगे तो क्या पुलिस उन्हें आने जाने देगी? अच्छा तो यह होता की पूरे जिले में लॉक डाउन लगा दिया जाता जिससे की कोई भी ऐसा पेंच खुला नहीं रहता. वर्तमान के आदेश में इस प्रकार प्रतिबंधित क्षेत्र से अप्रतिबंधित क्षेत्र में आवागमन को लेकर अस्पष्टता है जिसके कारण लोगों को भी और पुलिस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है ।



